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कोविड़-19 के पश्चात विदेशी निवेश को हरसंभव रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करने के लिए राजस्थान सरकार कृत संकल्प: डी.बी. गुप्ता

फिक्की ने राजस्थान आईओटी समिट के दूसरे संस्करण का आयोजन किया

जयपुर: विश्वभर में चल रही वैश्विक महामारी, कोविड़-19 ने हमारे समाज और हमारी अर्थव्यवस्था दोनों पर प्रभाव डाला है। ऑफलाइन कारोबार लंबे समय तक बंद रहने के कारण, लोग और संगठन अब नई तकनीकों जैसे कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्लॉकचेन आदि को अपनाने के इच्छुक हैं, जो आगे हमारे जीने और काम के तरीके को पूरी तरह से बदल देगा। इसी पृष्ठभूमि पर आधारित फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल ने आज ‘राजस्थान आईओटी समिट‘ के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। इस समिट का उद्देश्य कोविड़-19 के बाद इंडस्ट्री में आईओटी और एआई की क्षमता का पता लगाना है और भविष्य में कैसे आईओटी और एआई बड़े पैमाने पर गर्वनेंस, बिजनेस और सोसायटी की जरूरतों का समर्थन कर सकता है।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव श्री डी बी गुप्ता ने कहा, ‘‘राजस्थान ने कोरोना से संघर्ष के दौरान उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य द्वारा अपनाये गये प्रयासों तथा रणनीति को सम्पूर्ण देश में सराहा तथा अपनाया गया है। कोविड महामारी के दौरान हमारी प्राथमिकता नागरिकों की जान बचाना रही हैै। यह संघर्ष अभी जारी है और हमें आप इसके साथ जीना सीखना होगा अतः यह आवश्यक है कि हम हमारी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर ले आए। राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनः गति प्रदान करने के लिए राजस्थान सरकार कई प्रमुख बिंदुओं पर काम कर रही है वर्तमान में विभिन्न नियमों और शर्तों की समीक्षा की जा रही है ताकि विभिन्न वित्तीय और गैर वित्तीय सुधारों को लागू कर प्रदेश में अधिक निवेश को आकर्षित किया जा सके।‘‘

 

विदेशी निवेश के अंतर्गत प्रदेश द्वारा किए जा रहे पर्यासों के संदर्भ में श्री गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल के पश्चात विश्व में मैन्यूफैक्चरिंग और साॅफ्टवेयर के नए केंद्र स्थापित होंगे। चीन में स्थापित अमेरिकी, जापानी और कोरियाई कंपनियों ने इस अभी से ही नए स्थान देखने शुरू कर दिए हैं इस स्थिति में राजस्थान के पास वो सभी संभावनाएं मौजूद है जो इन कंपनियों को यहाँ निवेश करने में आकर्षित कर सकती है। अपने संबोधन के दौरान श्री गुप्ता ने जापान के राजदूत श्री सुजुकी को राजस्थान में जापानी संस्थानों के निवेश को लेकर हर सम्भव मदद और रियायतों का आश्वासन भी दिया।

 

राजस्थान में कोविड़-19 में जापानी निवेश के लिए सीएस के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए जापान में भारत के राजदूत श्री संतोषी सुजुकी ने कहा, ‘‘हम राजस्थान सरकार द्वारा हमारे संस्थानों की स्थापना और निवेश के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में दिए गए प्रस्ताव का हम स्वागत करते हैं। कई जापानी कंपनियां भी इसके लिए उत्सुक हैं वास्तव में राजस्थान सरकार और हमारे लिए यह एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान द्वारा जापानी कम्पनियों के संशयो का समाधान कर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।‘‘

 

फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल के चेयरमैन और कजारिया सेरामिक्स लिमिटेड के सीएमडी श्री अशोक कजारिया ने कहा, “टैक्नोलाॅजी लॉकडाउन 1.0, 2.0, 3.0 और 4.0 के समय में हमारे बचाव में आ गई है जहाँ हम कम्यूनिकेट, सीखने और एंटरटेनमेंट के साथ-साथ बहुत आगे बढ़ते हुए हम गर्वनेंस, बिजनेस और सोसायटी में बहुत सारी टैक्नोलाॅजी का उपयोग करेंगे। इंडस्ट्री 4.0 नेटवर्क के माध्यम से व्यवसायों को एक साथ ला रहा है, जिससे एक अभूतपूर्व गति और दर पर वास्तविक समय की तारीख साझा करने की अनुमति मिलती है। इसलिए, भारतीय एमएसएमई को सामने लाने के लिए, हमें इंडस्ट्री 4.0 की पूरी क्षमता को प्राप्त करने के लिए फंड, इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नीकल जानकारी की आवश्यकता होगी।‘‘

 

राजस्थान आईओटी समिट के चेयरमैन श्री बिमल पटवारी ने कहा कि, टैक्नोलाॅजी ने कोविड़-19 द्वारा उत्पन्न हुई चुनौती को ले लिया है और हम न केवल अपने जीवन को सामान्य, बल्कि और भी बेहतर बनाएंगे। वैश्विक महामारी के इन कठिन समयों में आईओटी और एआई के उपयोग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश के सभी संसाधनों को अत्याधुनिक तकनीकों के द्वारा कोविड़-19 के प्रभाव को कम करने में महारत हासिल कर रहे हैं जैसे मरीजों के डेटा को इकट्ठा करने के लिए बनाए गए उपकरणों, डिजिटल स्मार्ट थर्मामीटर आदि। उन्होंने यह भी साझा किया कि कैसे अमेजन आज अपने 26 फुलफिलमेंट सेंटर्स में 1 लाख से अधिक रोबोट का उपयोग कर रहा है जिसके परिणामस्वरूप लाॅजिस्टिक चैन में भी परिवर्तन हुआ है। उनके अनुसार, यह उम्मीद की जाती है कि 70 प्रतिशत ऑटोमोबाइल अब इंटरनेट से जुड़ा होगा और 80 प्रतिशत से अधिक इंडस्ट्रीयल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियांे को आज इंटेलीजेंट मशीनों के लिए आईओटी उपकरणों का उपयोग करने का अनुमान है, आईओटी नवाचारों के लिए कंपनियां समाचार के तरीकों का प्रयोग कर रही हैं और इसलिए पूरे देश में आईओटी को सफलतापूर्वक रखने के लिए, हमें स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ-साथ अपने काम करने के तरीकों को बदलना होगा।

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