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लंबा रहा है एमजे अकबर का पत्रकारिता ओर राजनीतिक करियर

पूर्व राज्यमंत्री मोब्बशिर जावेद अकबर यानी एमजे अकबर पर करीब 20 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं। एमजे अकबर ने इन आरापों के बाद से केंद्रीय राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अकबर पर उन महिलाओं पर आरोप लगाए हैं, जो पत्रकार हैं जिन्होंने एमजे अकबर के साथ या उनके अंडर काम किया है।

 

अकबर मंत्री बनने से पहले मीडिया जगत की जानामानी हस्ती रह चुके हैं यानि अंग्रेजी मीडिया के बड़े अखबारों में सम्पादक रह चुके हैं। अकबर का बतौर पत्रकार लंबा सफर रहा है। एमजे अकबर पर सबसे पहले यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमाणी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मानहानि दावा पेश कर दिया है।

 

दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट में इसकी पहली सुनवाई भी हो चुकी है। अकबर की वकील ने कोर्ट में कहा है कि सिर्फ एक आरोप से अकबर की चालीस साल पुरानी छवि को चोट पहुंची है, अकबर का पत्रकारिता के साथ साथ राजनीतिक सफर भी लंबा रहा है, वह इन आरोपों से काफी आहत हैं।

 

गौरतलब है कि देश में कई महिलाएं मी टू कैंपेन के तहत अपने साथ हुए दुव्र्यवहार और यौन उत्पीडऩ के खुलासे कर रही हैं, इसी के तहत एमजे अकबर पर भी उनकी पुरानी पत्रकार महिला साथियों ने नौकरी और ट्रेनिंग के दौरान उन पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं।

 


एमजे अकबर का राजनीतिक सफर

 

एमजे अकबर का जन्म 11 जनवरी 1951 को बिहार में हुआ था।

 

अकबर की स्कूली शिक्षा कलकत्ता के ब्वॉयज स्कूल में हुई। अकबर प्रेसिडेंसी कॉलेज से भी पढ़े।

 

इस कॉलेज से उन्होंने अंग्रेजी में बीए (ऑनर्स) किया।

 

उनकी शादी वर्ष 1975 मल्लिका जोसेफ अकबर से हुई।

 

उनके दो संतानें मुकुलिका अकबर और प्रयाग अकबर हैं।

 

पढ़ाई पूरी करने के बाद अकबर ने वर्ष 1971 में टाइम्स ऑफ इंडिया में ट्रेनी के तौर ज्वाइन किया।

 

इसके बाद पत्रकारिता में उन्होंनेे काफी लंबा और कामयाब सफर तया किया।

 

1989 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा।

 

बिहार के किशनगंज से कांग्रेस (आई) के टिकट पर चुनाव लडक़र संसद पहुंचे।

 

1991 के लोकसभा चुनाव में वो हार गए।

 

अकबर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के अधिकारिक प्रवक्ता भी रहे।

 

अकबर 1991 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सलाहकार बने।

 

लेकिन दिसंबर 1992 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया और राजनीति छोडक़र फिर से पत्रकारिता करने लगे।

 

इसके बाद 1993 में उन्होंने एक मीडिया कंपनी बनाई।

 

1994 में द एशियन एज’ न्यूज पेपर लॉन्च किया।

 


पत्रकारिता का सफर

 

अकबर ने 1971 में टाइम्स ऑफ इंडिया में ट्रेनी के तौर ज्वाइन किया।

 

उसके बाद वो द इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया के सब एडिटर के तौर पर काम करने लगे।

 

उसके बाद मुंबई में ऑनलुकर्स के एडिटर बने।

 

1973 में वो कलकत्ता आ गए, यहां आनंद बाजार पत्रिका (एबीपी) की पत्रिका सन्डे के एडिटर बने।

 

एमजे अकबर ने द टेलीग्राफ लॉन्च किया।

 

1994 में एमजे अकबर ने द एशियन एज न्यूज पेपर लॉन्च किया।

 

2004 में इनके एमजे अकबर की कंपनी ने द इंटरनेशनल हेराल्ड ट्रिब्यून की शुरुआत की।

 

अकबर द डेक्कन क्रॉनिकल के भी एडिटर इन चीफ थे।

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