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जानिए क्या है आर्टिकल 14 जिसका हवाला देकर गहलोत ने कहा, यह कानून लागू नहीं कर सकते
ashok gehlot

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसके अलावा राजस्थान ऐसा पहला राज्य भी बन गया है जहां सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधन के खिलाफ संकल्प पास किया। राजस्थान से पहले केरल और पंजाब में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव हो चुका है। नागरिकता कानून बिल के खिलाफ प्रस्ताव पास होने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ताबड़तोड़ ट्वीट कर अपनी बात कही, एक ट्वीट में उन्होंने आर्टिकल यानि अनुच्छेद 14 का भी जिक्र किया।

एक ट्वीट कर आर्टिकल यानि अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अनुच्छेद 14 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राज्य कानून के समक्ष किसी भी व्यक्ति की समानता या भारत के क्षेत्र के भीतर कानूनों के समान संरक्षण से इनकार नहीं करेंगे। सीएए इस लेख का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करता है इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सीएए,एनआरसी लागू नहीं करने की बात कहने वाले राज्यों को चेताते हुए कहा है कि अगर राज्य सरकारें यह कानून लागू नहीं करेंगे केंद्र के पास राज्य सरकार बर्खास्त करने का भी अधिकार है।  शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया। भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। गौरतलब है कि राजस्थान ऐसा पहला राज्य बन गया जिसने सीएए,एनआरसी के साथ एनपीआर के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित कर दिया है।

 

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