Headlines

नेशनल

हम पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर लेने को तैयार हैं : सेना प्रमुख
 General MM Naravane

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)| भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एम.एम. नरवाने ने शनिवार को कहा कि उत्तरी और पश्चिमी दोनों ही सीमाएं भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं और यदि सरकार इजाजत दे तो बल प्रयोग कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को अपने कब्जे में लिया जा सकता है। दोनों ही सीमाओं पर बलों और हथियारों की तैनाती फिर से संतुलित किए जाने की बात करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, "यदि संसद चाहता है कि उस इलाके को कब्जे में लिया जाना चाहिए तो हम यह जरूर करेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।"

सेना प्रमुख ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संसद की प्रस्तावना है कि पूरा जम्मू एवं कश्मीर भारत का हिस्सा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या पीओके को अपने कब्जे में लेने की मंशा का सरकार ने संकेत दिया है? उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन जोर दिया कि जब भी सरकार निर्देश देगी, तब यह किया जाएगा।

जनरल नरवाने ने कहा, "यदि ऐसा कहा गया, तो ऐसा ही होगा।"

पिछले साल तत्कालीन सेना प्रमुख और वर्तमान में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि पाकिस्तान पीओके पर गैर-कानूनी रूप से कब्जा किए हुआ है।

जनरल रावत ने कहा था, "वास्तव में, इस क्षेत्र पर पाकिस्तानी प्रशासन का नहीं, बल्कि आतंकवादियों का कब्जा है। पाकिस्तान के प्रशासन वाला कश्मीर वास्तव में आतंकवादियों द्वारा संचालित होता है।"

सितंबर, 2019 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि पीओके भारत का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि एक दिन यह हमारे भौतिक अधिकार क्षेत्र में होगा।"

5 अगस्त, 2019 को गृहमंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा में कहा था कि पीओके और अक्साई चिन जम्मू एवं कश्मीर के हिस्से हैं और कश्मीर घाटी भारत का अभिन्न अंग है।

अनुच्छेद 370 को रद्द करने और जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीने जाने के लिए लाए गए जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान शाह ने कहा था, "जब मैं जम्मू एवं कश्मीर की बात करता हूं, तो पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन इसमें शामिल होते हैं।"

जनरल नरवाने ने कहा कि चीन के साथ सीमा मुद्दे पर भारत ने कई दौर की वार्ता की है और उनकी प्राथमिकता सीमा पर शांति बनाए रखना है। उन्होंने कहा, "हम इस तथ्य से अवगत हैं कि दोनों तरफ से खतरे बने हुए हैं।"

हाल ही में अपनी सियाचिन यात्रा पर सेना प्रमुख नरवाने ने कहा था, "जहां तक स्थलीय सीमाओं का संबंध है, यह (सियाचिन) वह जगह है, जहां दोनों देश (चीन और पाकिस्तान) सबसे नजदीक हैं।

PHOTO: ADG PI - INDIAN ARMY

 

News & Event

Tazaa Khabre